
एक ऐतिहासिक अभियान में, यूरोपियन कार्गो का एयरबस A340-600 अंटार्कटिका में उतरने वाला सबसे बड़ा विमान बन गया, जो शोध स्टेशनों के लिए आपूर्ति लेकर पहुँचा।
अंटार्कटिका — 5 नवंबर को ब्रिटिश कंपनी यूरोपियन कार्गो (European Cargo) का विशाल एयरबस A340-600 पहली बार अंटार्कटिक महाद्वीप की बर्फ पर वुल्फ्स फेंग (Wolf’s Fang) नामक नीली बर्फ की रनवे पर उतरा, जिससे यह क्षेत्र में उतरने वाला अब तक का सबसे बड़ा विमान बन गया।
पंजीकरण संख्या G-ECLN वाला यह चार इंजन वाला विमान शोध स्टेशनों के लिए आवश्यक माल और उपकरण लेकर गया। यह लैंडिंग अत्यधिक सघन नीली बर्फ की पट्टी पर की गई थी, जिसके लिए अत्यंत सटीक योजना और अनुभवी दल की आवश्यकता थी, क्योंकि वहां पारंपरिक हवाई अड्डे जैसी कोई संरचना नहीं है और मौसम बहुत कठोर होता है।
+ वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करें
यूरोपियन कार्गो की स्थापना महामारी के दौरान की गई थी ताकि चिकित्सा आपूर्ति की तत्काल आवश्यकता को पूरा किया जा सके। महामारी समाप्त होने के बाद भी कंपनी ने संचालन जारी रखा और वर्तमान में इसके पास छह एयरबस A340-600 विमानों का बेड़ा है, जिन्हें पूरी तरह से मालवाहक उपयोग के लिए परिवर्तित किया गया है। इस अंटार्कटिक मिशन में प्रयुक्त विमान पहले लगभग 14 वर्षों तक वर्जिन अटलांटिक (Virgin Atlantic) के बेड़े में था, जिसके बाद इसे भारी माल ढोने के लिए संशोधित किया गया।

इससे पहले अंटार्कटिका में उतरने वाला सबसे बड़ा विमान पुर्तगाली एयरलाइन हाई फ्लाई (Hi Fly) का एयरबस A340-300 था, जो वुल्फ्स फेंग रनवे तक इसी तरह की लॉजिस्टिक उड़ानें संचालित करता था।
यूरोपियन कार्गो का यह नया अभियान न केवल एक तकनीकी उपलब्धि है, बल्कि पृथ्वी के सबसे दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण महाद्वीप पर वैज्ञानिक अनुसंधान का समर्थन करने के लिए एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक प्रगति भी है।

स्रोत और चित्र: यूरोपियन कार्गो। यह सामग्री कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से तैयार की गई है और संपादकीय टीम द्वारा समीक्षा की गई है।
